सानिया जैहरा, जिन्होंने फिजियोथेरेपी के पेशे को छोड़कर Beekeeping के क्षेत्र में कमाल कर रही हैं
सानिया ने अपने दादा से Beekeeping कला सीखी और फिर खुद का व्यवसाय शुरू किया
सरकारी सहायता मिलने के बाद, उन्होंने 35 कॉलोनियों के साथ शुरुआत की
अब वो करीब 300 कॉलोनियों के साथ सफलतापूर्वक इस बिज़नेस को चला रही हैं
मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जो शहद,मोम जैसे मूल्यवान उत्पादों का निर्माण करता है
सानिया अपने छत्तों को मौसम के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर शिफ्ट करती हैं
सानिया सिर्फ़ शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, वो युवाओं को भी इस बिज़नेस के लाभ के बारे में जागरूक कर रही हैं
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