भारत में हर साल लगभग 3.5 मिलियन टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसका बड़ा हिस्सा पैकेजिंग का है
यहीं पर खाद्य पैकेजिंग (Food Packaging) की अवधारणा विशेष रूप से दिलचस्प हो जाती है
Food Packaging प्राकृतिक, बायोडिग्रेडेबल पदार्थों से बनी सामग्री हो सकती है
भारत के कृषि उप-उत्पाद जैसे गन्ना खोई, चावल की भूसी, केले के छिलके,मकई स्टार्च से पैकेजिंग तैयार हो सकती है
लैब और स्टार्टअप पहले से ही इस पर काम कर रहे हैं, ग्रीन पैकेजिंग क्रांति की शुरूआत हो चुकी है
ये पैकेजिंग सामग्री आमतौर पर स्टार्च, प्रोटीन, सेल्यूलोज या पेक्टिन जैसे प्राकृतिक पॉलिमर से बनाई जाती हैं
ये केवल एक पर्यावरणीय अनिवार्यता नहीं है, एक ग्रामीण आर्थिक अवसर है
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