कहीं फसल बर्बाद ना हो जाए, इसलिए धान की फसल में लगने वाले प्रमुख रोगों की पहचान और बचाव ज़रूरी है
इसके बारें में कृषि विज्ञान केंद्र आजमगढ़ के डॉ. रूद्र प्रताप सिंह ने रोकथाम के तरीके बताए
जुलाई से सितंबर तक धान में ब्लास्ट रोग का प्रकोप अधिक होता है, पत्तियों पर Spiral धब्बे दिखाई देते हैं
इसके नियंत्रण के लिए नर्सरी डालते वक्त ट्राईसाइक्लेजोल 2 ग्राम दवा को प्रति किलोग्राम बीज दर से उपचारित करें
शुरूआती अवस्था में हेक्साकोनोजोल दवा का प्रयोग अच्छे परिणाम देते हैं
धान में फंगस शीथ ब्लाईट रोग फसल को बहुत नुकसान पहुंचता है
नियंत्रण के लिए कार्बेडाजिम दवा 2 से 2.5 प्रति ग्राम को प्रति लीटर अनुपात में घोलकर फसलों पर छिड़के
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