किसानों को अपनी उपज से अधिक आमदनी के लिए आम आधारित मुर्गीपालन कर सकते हैं

आम की खेती के साथ मुर्गीपालन अपनाने को लेकर प्रशिक्षण दिया जाता है

मलिहाबाद क्षेत्र के कई किसान मुर्गीपालन कर साल के 12 महीने आमदनी पा रहे हैं

लखनऊ स्थित केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान ने इसके लिए प्रशिक्षण दिया

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. मनीष मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर फ़ार्मर फ़र्स्ट परियोजना चलाई गई

मलिहाबाद में आम की खेती के अनुकूल मुर्गियों की नस्ल CARI से लाई गईं

कड़कनाथ, कैरी निर्भीक, कैरी देबेंद्र जैसी कई देसी नस्ल की मुर्गियों को आम की बागवानी के लिए बेस्ट है