साल 2016 में सुरेंद्र अवाना ने बंजर ज़मीन को खरीदकर Rainwater harvesting के लिए तालाब बनवाए
आज उनके पास दो तालाब हैं, जिनकी कुल क्षमता एक करोड़ लीटर है और यही कृषि व पशुपालन गतिविधियों की लाइफ लाइन हैं
सुरेंद्र ने जैविक खेती से शुरुआत कर प्राकृतिक खेती और ‘एकीकृत खेती मॉडल’ अपनाया
उनके फार्म पर 4 तालाबों में मछली व बत्तख पालन, मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन होता है
60 से अधिक गिर गायों की एक डेयरी इकाई है,हर कचरे का Recycle भी करते हैं
उन्होंने एक एफपीओ बनाया है, जिससे 1200 से अधिक किसान जुड़े हैं
वे महीने में एक बार निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिसमें 30-35 किसान हिस्सा लेते हैं
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