कृषि विज्ञानियों ने कुंड और नाली विधि से बुआई करने की तकनीक विकसित की है

कुंड और नाली विधि की बदौलत खेतों में बारिश के पानी का ज़्यादा संरक्षण होता है

इसकी वजह से फसल उपज में 20 से 25% का इज़ाफ़ा होता है, खेती की लागत घटती है

कुंड और नाली विधि की बदौलत खेतों में बारिश के पानी का ज़्यादा संरक्षण होता है

इसके कृषि यंत्र को Raised Bed Planter कहते हैं, इसका दाम 20-25 हज़ार रुपये तक होता है

भारत में कुंड और नाली विधि से बुआई की शुरुआत 1991 में गंगा के मैदानी इलाकों में हुई थी।

अभी ये विधि मध्य प्रदेश के खरीफ उत्पादन इलाकें में इस्तेमाल होता है