सफ़ेद मूसली की अच्छी उपज के लिए गर्मियों में खेतों की गहरी जुताई की जाती है

हरी खाद के लिए ढैंचा, सनई, ग्वारफली की बुआई करना फ़ायदेमन्द होता है

इनके फूलों को काटकर खेत में डालकर मिला देना चाहिए

250 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की दर से सड़े गोबर की खाद का भी इस्तेमाल हो सकता है

जुताई के समय खेतों में एक मीटर चौड़ी व एक फ़ीट ऊंची मेढ़ बनाकर 30 सेमी की दूरी पर लाइनें बनाना चाहिए

सफ़ेद मूसली की बुआई के पहले रासायनिक या जैविक विधि से उपचारित ज़रूर करना चाहिए

मूसली की रोपाई बरसात में करते हैं, बारिश नियमित हो तो फसल को सिंचाई की ज़रूरत नहीं पड़ती