आजकल केमिकल उर्वरक और कीटनाशकों के इस्तेमाल से मिट्टी प्रदूषित हो रही है
ऐसे में हर 3 साल में मिट्टी की जांच ज़रूरी है। मिट्टी की जांच प्रयोगशाला में की जाती है
मिट्टी की जांच को प्रयोगशाला में भेजने से पहले खेत से घास, पत्ते, कंकड़ वगैरह हटा दें
इसके बाद 6 इंच का V आकार का गड्ढा बनाएं, गड्ढे के ऊपरी हिस्से से खुपरी को ऊपर से नीचे की ओर ले जाएंगे
इस गड्ढे में गिरने वाली मिट्टी को नमूने के तौर पर लें, खेत से 4 से 5 जगह से मिट्टी लें।
एक पर्ची में अपना नाम, खेती की जानकारी लिखकर नज़दीकी मिट्टी परिक्षण केंद्र में भेजे
ध्यान रखें कि नमूना उसी जगह से लें जहां मिट्टी में नमी कम हो, वरना टेस्टिंग में देरी होती है
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