बिहार में मछली पालन की नई क्रांति: सीतामढ़ी में खुला राज्य का पहला Fish Brood Bank

सीतामढ़ी में Fish Brood Bank की शुरुआत बिहार के मछली पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत है।

बिहार में मछली पालन (Fish farming) को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। 8 अगस्त 2026 को सीतामढ़ी जिले के डुमरा अंचल स्थित राघोपुर बखरी में सूबे का पहला Fish Brood Bank शुरू किया गया। ये केंद्र करीब 10.92 करोड़ रुपये की लागत से 40 एकड़ क्षेत्र में बनाया गया है।

यहां वैज्ञानिक तकनीक की मदद से हाई क्वालिटी वाली प्रजनक मछलियां (ब्रूडर) तैयार की जाएंगी। यानी अब किसानों को अच्छी नस्ल की मछलियों के लिए दूसरे राज्यों या नैचुरल सोर्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

क्यों जरूरी था यह कदम?

अभी तक बिहार की अधिकांश हैचरी संचालक मछली के बीज और प्रजनक मछलियों के लिए नदियों, तालाबों और दूसरे प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर थे। इन जगहों से मिलने वाली मछलियों की गुणवत्ता हमेशा अच्छी नहीं होती, जिससे:

  • मछलियों की ग्रोथ प्रभावित होती है
  • उत्पादन में कमी आती है
  • मछलियों के जिंदा रहने की दर घटती है
  • बीमारियों का ख़तरा बढ़ जाता है

अब फिश ब्रूड बैंक में वैज्ञानिक तरीके से बेहतर प्रजनक मछलियां तैयार की जाएंगी। इससे किसानों को लोकल लेवल पर ही बेहतरीन क्वालिटी का मछली बीज मिल सकेगा।

किन-किन प्रजातियों पर होगा जोर?

फिश ब्रूड बैंक में ख़ास तौर से भारतीय मेजर कार्प (Indian Major Carps) की प्रमुख प्रजातियों पर काम किया जाएगा:

  • रोहू (मांसल मछली)
  • कतला (तेजी से बढ़ने वाली)
  • मृगल (मजबूत और सहनशील)

इसके अलावा जयंती रोहू, कॉमन कार्प, अमृत कतला और अमूर कार्प जैसी उन्नत प्रजातियों पर भी काम होगा। ये सभी प्रजातियां तेजी से बढ़ती हैं, बीमारियों से बची रहती हैं और बाजार में इनकी अच्छी मांग है।

सिर्फ बीज नहीं, मिलेगी ट्रेनिंग और तकनीकी मदद

फिश ब्रूड बैंक सिर्फ मछली बीज प्रोडक्शन तक सीमित नहीं रहेगा। फ्यूचर में यहां:

  • मिट्टी और पानी की जांच की सुविधा
  • किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी 
  • तकनीकी मार्गदर्शन की व्यवस्था

ये सभी सुविधाएं मछली पालकों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करने में मदद करेंगी और उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

 सीतामढ़ी को डेयरी क्षेत्र में भी बड़ी सौगात

इसी कार्यक्रम में सीतामढ़ी के डेयरी क्षेत्र के लिए भी बड़ी घोषणा हुई। राज्य योजना 2025-26 और 2026-27 के तहत 30 MTPD क्षमता वाले दूध से पाउडर बनाने वाले प्लांट की शुरुआत की गई है। इस परियोजना पर करीब 76.60 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इस प्लांट से सीतामढ़ी और आसपास के दूध उत्पादक किसानों और पशुपालकों को बड़ा फायदा होगा। यहां दूध को प्रोसेस कर घी, दही, पनीर, आइसक्रीम और दूध पाउडर जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। इससे किसानों को दूध बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी।

मछली पालन क्षेत्र में नई क्रांति 

सीतामढ़ी में फिश ब्रूड बैंक की शुरुआत बिहार के मछली पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत है। यह सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि हजारों किसानों और मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में एक मजबूत कदम है। वैज्ञानिक तकनीक, बेहतर बीज, ट्रेनिंग और तकनीकी सहायता। ये सब मिलकर बिहार को मछली पालन के क्षेत्र में देश का एक प्रमुख राज्य बनाने की क्षमता रखते हैं।

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

 

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