Agrovision 2025: विदर्भ के संतरे अब दुनिया में दिखाएंगे अपना दम, गडकरी ने Orange Economy को लेकर कही ये बात

गडकरी ने जोर देकर कहा, “संतरा प्रोड्यूसर किसानों को हाथ मिलाकर बड़ी संख्या में FPCs बनानी होंगी। हमें संतरे के रस, मिठाइयों, पाउडर और यहां तक कि कॉस्मेटिक आइटम्स जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करना होगा।

केंद्रीय मंत्री और नागपुर सांसद नितिन गडकरी (Union Minister and Nagpur MP Nitin Gadkari) ने महाराष्ट्र के विदर्भ (Vidarbha of Maharashtra) के संतरा उत्पादक किसानों (orange producing farmers) से एक बड़ा आह्वान किया है। उन्होंने किसानों से संतरे से बने उत्पादों की प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए बड़े पैमाने पर ‘किसान उत्पादक कंपनियां’ (FPCs) बनाने का आग्रह किया। गडकरी का कहना है कि यही वो सुनहरा रास्ता है जो विदर्भ के संतरा किसानों की तकदीर बदल सकता है।  गडकरी नागपुर में आयोजित चार दिवसीय कृषि प्रदर्शनी ‘Agrovision 2025’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नागपुर की संस्थाएं संतरा किसानों का एक व्यापक डेटा बैंक तैयार करने की पहल करेंगी, ताकि सभी किसानों को एक स्टेज पर लाया जा सके।

 कच्चे माल से आगे बढ़ने का वक्त 

गडकरी ने जोर देकर कहा, “संतरा प्रोड्यूसर किसानों को हाथ मिलाकर बड़ी संख्या में FPCs बनानी होंगी। हमें संतरे के रस, मिठाइयों, पाउडर और यहां तक कि कॉस्मेटिक आइटम्स जैसे वैल्यू-एडेड उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करना होगा। इन प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग लोकल  स्तर पर हो और इन्हें ग्लोबल मार्केट के लिए ब्रांड किया जाए।”

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विदर्भ के क्षेत्र खासकर नागपुर, अपने हाई क्वालिटी वाले संतरों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। नागपुरी संतरे अपने  स्वाद, गहरे रंग और शानदार जूस कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि ये संतरे भारत के सबसे बेशकीमती साइट्रस फलों में गिने जाते हैं और देश की फल अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं।

लेकिन गडकरी ने इस बात पर जोर दिया कि अब क्षेत्र को कच्चे उत्पाद बेचने से आगे बढ़कर ‘वैल्यू एडिशन’ पर ध्यान देना होगा।

कैसे बदलेगी तस्वीर?

1.अभी किसान सीधे संतरे बेचते हैं, जिससे उन्हें कम दाम मिलता है। अगर वही संतरे प्रोसेस करके जूस, पाउडर या अन्य उत्पाद बनाएंगे, तो उनकी कीमत कई गुना बढ़ जाएगी।

2.‘नागपुरी संतरा’ एक ग्लोबल ब्रांड बन सकता है, जैसे महाराष्ट्र का अल्फांसो आम। इससे निर्यात के रास्ते खुलेंगे।

3.प्रोसेसिंग यूनिट्स लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

4.FPCs के जरिए संतरों की प्रोसेसिंग होगी, तो फसल की बर्बादी कम होगी और किसानों को साल भर आमदनी हो सकेगी।

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AI को अपनाने की सलाह

इससे पहले, कृषि में artifical Intelligence की भूमिका पर एक चर्चा में हिस्सा लेते हुए गडकरी ने किसानों से उभरती technologies को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने ये भी खुलासा किया कि वो अपने खुद के फार्म पर उत्पादकता और दक्षता बढ़ाने के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं।

साफ है कि विदर्भ के संतरा किसानों के लिए एक नई सुबह की संभावना तैयार हो रही है। अगर किसान एकजुट होकर FPCs बनाते हैं, आधुनिक तकनीक और वैल्यू एडिशन को अपनाते हैं, तो नागपुरी संतरा न सिर्फ देश बल्कि दुनिया के बाजारों में छा सकता है।

 

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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