From Farmer ID to MSP: कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के साथ समीक्षा बैठक में लिए 5 बड़े फैसले

कृषि मंत्री की राज्यों के साथ बैठक में किसान आईडी, उर्वरक की उपलब्धता और एमएसपी पर खरीद (Farmer ID, Availability of Fertilizers, and Procurement at MSP ) जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा हुई।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister of Agriculture and Farmers Welfare, Shivraj Singh Chouhan) ने राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक (Virtual Meeting) कर किसानों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर कड़े निर्देश दिए। इस बैठक में किसान आईडी, उर्वरक की उपलब्धता और एमएसपी पर खरीद (Farmer ID, Availability of Fertilizers, and Procurement at MSP ) जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा हुई।

Farmer ID: अब हर किसान की बनेगी अनोखी पहचान

कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि किसान आईडी (Farmer ID) सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि किसान को उसकी ज़मीन, फसल, पशुधन और मछली पालन से जोड़ने वाली एक डिजिटल डोर है। अब तक 19 राज्यों में 9.25 करोड़ किसान आईडी बन चुकी है, लेकिन ये काफी पर्याप्त नहीं है।

 क्या है निर्देश?
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब अगले 6 महीने में 100 फीसदी टारगेट पूरा करो। कृषि और राजस्व विभाग मिलकर अभियान चलाएं। केवल पीएम-किसान के लाभार्थी ही नहीं, बल्कि सभी पात्र किसानों को इसमें शामिल किया जाए।

खाद की कालाबाजारी बंद, अब टेक्नोलॉजी से होगा सही Distribution

उर्वरक की उपलब्धता पर चर्चा करते हुए मंत्री जी ने साफ कहा कि “किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।”

:-कड़ी चेतावनी: जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
:-नई व्यवस्था: टेक्नोलॉजी आधारित ईमानदारी से वितरण प्रणाली लागू होगी। इससे हर किसान को उसकी जरूरत के हिसाब से ही खाद मिलेगी।
:-जैविक खेती पर जोर: असंतुलित उर्वरक इस्तेमाल को रोकने और जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर भी ज़ोर दिया गया।

:-सीमा क्षेत्रों में विशेष निगरानी: मंत्री ने निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि उर्वरक की तस्करी रोकना ज़रूरी है। हरियाणा की ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पहल की सराहना करते हुए इसे दूसरे राज्यों के लिए मिसाल बताया।

MSP पर ख़रीद: इन राज्यों को मिली मंज़ूरी, अब सीधे खाते में पैसा

पीएम-आशा योजना के तहत दलहन और तिलहन की MSP पर खरीद की समीक्षा हुई। मंत्री जी ने बताया कि हाल ही में कई राज्यों को खरीद की स्वीकृति दी गई है- 

  • आंध्र प्रदेश: चना, मूंग, उड़द, अरहर, मूंगफली
  • असम: सरसों
  • बिहार: मसूर
  • छत्तीसगढ़: चना, मसूर, सरसों
  • गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, MP, UP आदि को भी विभिन्न फसलों की खरीद की मंजूरी।

  ख़रीद के नियम-

  • केवल FAQ (Average Quality) की उपज खरीदी जाए।
  • आधार आधारित पोर्टल पर Registration mandatory।
  • खरीद केंद्रों पर Biometric or Face Authentication  होगा।
  • भुगतान सीधे DBT से किसान के खाते में।
  • पर्याप्त संख्या में खरीद केंद्र बनाए जाएं, ताकि किसानों को परेशानी न हो।

 विकसित कृषि संकल्प अभियान: लैब से लैंड तक का सफ़र

कृषि मंत्री ने बताया कि पिछले साल VKSA अभियान बेहद सफल रहा, जिसमें 728 जिलों के 60,000+ गांवों में वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधा संवाद किया। इस साल मई में फिर से 15-20 दिनों का यह अभियान चलाया जाएगा।
उद्देश्य: नई तकनीक, नई किस्मों और बेहतर कृषि पद्धतियों का प्रसार।

क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन-7 अप्रैल से जयपुर में होगी शुरुआत

देश को 5 एग्रो-क्लाइमेटिक जोन में बांटकर सम्मेलन होंगे। पहला सम्मेलन 7 अप्रैल को जयपुर (वेस्टर्न जोन) में आयोजित होगा।

बता दें कि  इस बैठक में बिहार, UP, तेलंगाना, हरियाणा, उत्तराखंड और MP के कृषि मंत्री शामिल हुए।

 

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