Table of Contents
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृषि मेला के लिए भूमि पूजन कर तैयारियों का जायज़ा लिया। इस मौके पर उन्होंने देशवासियों को अष्टमी और रामनवमी की शुभकामनाएं भी दीं।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह राष्ट्रीय कृषि मेला कोई साधारण आयोजन नहीं है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया एक बड़ा प्रयास है।
11 से 13 अप्रैल तक लगेगा राष्ट्रीय कृषि मेला
राष्ट्रीय कृषि मेला 11, 12 और 13 अप्रैल को रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह देश का सबसे बड़ा कृषि मेला बनने जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों के लिए नई तकनीक, जानकारी और बेहतर खेती के तरीके सीखने का एक बड़ा मंच होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए ‘कृषक वर्ष’ घोषित किया है और इस तरह के आयोजन उसी दिशा में एक मज़बूत कदम हैं।
खेती को नई दिशा देने का प्रयास
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस राष्ट्रीय कृषि मेला के ज़रिए किसानों को उनकी ज़रूरत के अनुसार सही जानकारी दी जाएगी। इसके लिए वैज्ञानिकों की टीम पहले ही रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास जिलों की जलवायु और मिट्टी का अध्ययन कर रही है।
उन्होंने बताया कि इन जिलों के लिए एक विशेष कृषि रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसे इस राष्ट्रीय कृषि मेला के दौरान जारी किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार यह रोडमैप किसानों को सही फ़सल और तकनीक चुनने में मदद करेगा।
लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन और प्रशिक्षण सत्र
इस राष्ट्रीय कृषि मेला की ख़ास बात यह है कि यहां केवल जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों को उत्तम बीजों की पहचान, आधुनिक खेती के तरीके, रोग प्रबंधन और खाद व पेस्टीसाइड के सही उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही इस राष्ट्रीय कृषि मेला में लाइव डेमॉन्स्ट्रेशन भी होंगे, जिससे किसान सीधे देखकर सीख सकेंगे। अलग-अलग विषयों पर किसानों की रुचि के अनुसार प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिससे उन्हें अपने खेत के हिसाब से सही जानकारी मिल सके।
बीज से लेकर बाज़ार तक पूरी जानकारी
राष्ट्रीय कृषि मेला में किसानों को खेती की पूरी प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसमें बीज चयन से लेकर फ़सल कटाई, भंडारण, प्रोसेसिंग और बाज़ार तक पहुंचाने के तरीके सिखाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस राष्ट्रीय कृषि मेला का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी आय बढ़ाने के लिए हर ज़रूरी जानकारी देना है।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग और आधुनिक तकनीक पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस राष्ट्रीय कृषि मेला में इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल को विशेष रूप से दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केवल एक ही फ़सल पर निर्भर रहने के बजाय किसान एक ही ज़मीन पर फल, सब्जी, पशुपालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन और मछली पालन जैसे काम जोड़कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
इस राष्ट्रीय कृषि मेला में पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
स्टार्टअप और नई मशीनों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय कृषि मेला में कृषि क्षेत्र से जुड़े स्टार्टअप्स भी अपने इनोवेशन पेश करेंगे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे किसानों को नई तकनीकों और आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा इस राष्ट्रीय कृषि मेला में नई कृषि मशीनों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे किसान देख सकेंगे कि ये मशीनें कैसे काम करती हैं और उनका उपयोग कैसे किया जा सकता है।
किसानों की कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस राष्ट्रीय कृषि मेला का मुख्य उद्देश्य किसानों की क्षमता को बढ़ाना है। इसके लिए वर्कशॉप, सेमिनार और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का पूरा कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
इस राष्ट्रीय कृषि मेला में किसानों को यह भी सिखाया जाएगा कि वे खेती की लागत कैसे कम करें और स्मार्ट एग्रीकल्चर को कैसे अपनाएं।
नकली खाद और पेस्टीसाइड से बचाव की जानकारी
राष्ट्रीय कृषि मेला में किसानों को नकली खाद और पेस्टीसाइड की पहचान करने के तरीके भी बताए जाएंगे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इससे किसान ठगी से बच सकेंगे और सही उत्पाद का उपयोग कर पाएंगे।
निष्कर्ष
रायसेन में आयोजित होने वाला यह राष्ट्रीय कृषि मेला किसानों के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है। शिवराज सिंह चौहान के अनुसार यह आयोजन खेती को नई दिशा देने, किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक तकनीक को खेतों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस राष्ट्रीय कृषि मेला के ज़रिए किसानों को न केवल नई जानकारी मिलेगी, बल्कि वे अपने अनुभवों को साझा कर बेहतर खेती की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।
ये भी पढ़ें : नेशनल सेमिनार में Natural Farming को बढ़ावा, टिकाऊ खेती पर हुआ गहन मंथन
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

