शिवराज सिंह चौहान ने ख़रीफ़ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की, उर्वरक, बीज और मानसून की स्थिति पर दिए अहम निर्देश

शिवराज सिंह चौहान ने ख़रीफ़ फ़सलों की बुवाई, मानसून, एल नीनो और उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा कर अधिकारियों को ज़रूरी निर्देश दिए।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में कृषि मंत्रालय की साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ख़रीफ़ फ़सलों की बुवाई, मानसून की स्थिति, संभावित एल नीनो प्रभाव, उर्वरकों और बीजों की उपलब्धता तथा कम बारिश वाले जिलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और राज्य सरकारों के साथ लगातार समन्वय बनाकर कृषि गतिविधियों पर नज़र रखी जाए।

बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि किसानों को समय पर उर्वरक और बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। यदि वितरण व्यवस्था में कहीं भी कमी दिखाई दे तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।

ख़रीफ़ फ़सलों की बुवाई की प्रगति की हुई समीक्षा

बैठक में बताया गया कि 17 जुलाई 2026 तक देश में ख़रीफ़ फ़सलों की कुल बुवाई 658.19 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में कुल बुवाई क्षेत्र में कुछ कमी आई है, लेकिन कई राज्यों में धान, दलहन और अन्य ख़रीफ़ फ़सलों की बुवाई में सकारात्मक प्रगति देखने को मिली है।

इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दलहन, तिलहन और कपास मिशन के तहत हर सप्ताह राज्य सरकारों के साथ समीक्षा बैठक की जाए। साथ ही खेत स्तर से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

मानसून और एल नीनो की स्थिति पर विशेष नज़र

समीक्षा बैठक में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान, संभावित एल नीनो की स्थिति और देश के 270 संवेदनशील जिलों में बारिश की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने मानसून की प्रगति, विभिन्न राज्यों में कम और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों, फ़सलों की बुवाई तथा NDVI (Normalized Difference Vegetation Index) के आधार पर फ़सलों की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जहां बारिश कम हुई है, वहां लगातार निगरानी रखी जाए और राज्यों के साथ मिलकर आवश्यकता के अनुसार कृषि प्रबंधन तथा आकस्मिक योजनाओं को लागू किया जाए।

शिवराज सिंह चौहान ने ख़रीफ़ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की, उर्वरक, बीज और मानसून की स्थिति पर दिए अहम निर्देश

पूरे देश में पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून

बैठक में बताया गया कि 9 जुलाई 2026 तक दक्षिण-पश्चिम मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों सहित पूरे देश को कवर कर लिया। सामान्य रूप से मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है, जबकि इस वर्ष ये केवल एक दिन की देरी से पूरे देश में फैल गया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मानसून के पूरे देश में पहुंचने के बाद अधिकांश राज्यों में ख़रीफ़ फ़सलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नज़र रखने के निर्देश दिए ताकि किसानों को समय पर उचित सलाह मिलती रहे।

कई क्षेत्रों में सामान्य से कम हुई बारिश

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 15 जुलाई 2026 के बीच देश में औसत बारिश सामान्य से 23% कम दर्ज की गई। इस अवधि में देशभर में 227 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 294.2 मिलीमीटर होती है।

सबसे अधिक कमी पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में दर्ज की गई, जहां सामान्य 540.2 मिलीमीटर के मुकाबले केवल 348 मिलीमीटर बारिश हुई, यानी 36% की कमी रही। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में 26%, उत्तर-पश्चिम भारत में 19% और मध्य भारत में 13% बारिश की कमी दर्ज की गई।

इन आंकड़ों के आधार पर शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि कम बारिश वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक सलाह और आवश्यक कृषि प्रबंधन उपायों को राज्यों के सहयोग से तेजी से लागू किया जाए।

उर्वरक और बीज की उपलब्धता पर सरकार की नज़र

समीक्षा बैठक में उर्वरकों, विशेष रूप से यूरिया की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ख़रीफ़ 2026 के लिए उर्वरकों और बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है तथा राज्यों के साथ लगातार समन्वय कर आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।

इस पर शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया कि कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) और राज्य सरकारों के माध्यम से वास्तविक स्थिति की जानकारी लगातार प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी ज़रूरत के अनुसार समय पर उर्वरक उपलब्ध होना चाहिए और यदि वितरण प्रणाली में कहीं भी कमी दिखाई दे तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।

शिवराज सिंह चौहान ने ख़रीफ़ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की, उर्वरक, बीज और मानसून की स्थिति पर दिए अहम निर्देश

राज्यों के साथ समन्वय और वैज्ञानिक सलाह पर रहेगा फ़ोकस

बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मंत्रालय के दोनों विभागों को निर्देश दिया कि ख़रीफ़ सीजन के दौरान कृषि गतिविधियों की लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय, मौसम आधारित कृषि प्रबंधन, वैज्ञानिक सलाह और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

शिवराज सिंह चौहान ने दोहराया कि केंद्र सरकार किसानों के हितों की रक्षा और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मौसम की बदलती परिस्थितियों के बीच समय पर निर्णय, पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता, राज्यों के साथ समन्वय और वैज्ञानिक सलाह ही ख़रीफ़ सीजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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