Table of Contents
ओडिशा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य की मांगों को स्वीकार करते हुए पांच प्रमुख फ़सलों की खरीद को मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP का सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें बेहतर क़ीमत सुनिश्चित हो सकेगी।
इस फैसले के तहत मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और सरसों जैसी फ़सलों की खरीद की जाएगी, जिसका कुल मूल्य 1400 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है।
किसानों को सीधे मिलेगा MSP का लाभ
बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट कहा कि किसानों को MSP का लाभ समय पर और सीधे मिलना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ईमानदार होनी चाहिए, ताकि वास्तविक किसानों को ही इसका फ़ायदा मिले।
शिवराज सिंह चौहान ने ये भी कहा कि किसी भी स्तर पर बिचौलियों को फ़ायदा नहीं मिलना चाहिए और खरीद सीधे किसानों से ही की जानी चाहिए।
किन फ़सलों की कितनी खरीद को मंज़ूरी
केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई फ़सलों में मूंग, उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और सरसों शामिल हैं।
- शिवराज सिंह चौहान ने मूंग की 34,492 मीट्रिक टन खरीद को मंज़ूरी दी है, जिसका MSP मूल्य 302 करोड़ रुपये से अधिक है।
- उड़द की 1,19,387 मीट्रिक टन खरीद को भी मंज़ूरी दी गई है, जिसकी क़ीमत लगभग 931 करोड़ रुपये है।
- इसके अलावा मूंगफली की 20,219 मीट्रिक टन खरीद के लिए भी हरी झंडी दी गई है, जिसका मूल्य करीब 146 करोड़ रुपये है।
- इसी तरह शिवराज सिंह चौहान ने सूरजमुखी की 2,210 मीट्रिक टन और सरसों की 4,964 मीट्रिक टन खरीद को भी मंज़ूरी दी है।
सूरजमुखी की खेती पर विशेष ज़ोर
बैठक में शिवराज सिंह चौहान ने ख़ास तौर पर सूरजमुखी की खेती को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में सूरजमुखी की खेती धीरे-धीरे कम होती जा रही है, लेकिन ओडिशा में इसका बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार सूरजमुखी की खेती को बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता देगी। शिवराज सिंह चौहान ने ये भी कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो किसानों को वैज्ञानिक और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सूरजमुखी की खेती से बेहतर उत्पादन मिल सके।
पारदर्शी खरीद प्रणाली पर ज़ोर
इस पूरी प्रक्रिया को PM-AASHA योजना के तहत 90 दिनों के लिए लागू किया जाएगा। राज्य सरकार पहले से ही PoS आधारित खरीद प्रणाली पर काम कर रही है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खरीद प्रणाली की लगातार निगरानी ज़रूरी है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो।
उन्होंने ये भी कहा कि अगर खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और सही तरीके से लागू होती है, तो किसानों को वास्तविक लाभ मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा।
बिचौलियों पर रोक लगाने की कोशिश
शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिचौलियों की भूमिका को ख़त्म करना ज़रूरी है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि ऐसा सिस्टम बनाया जाए, जहां केवल किसानों से ही खरीद हो और कोई भी व्यापारी किसानों के नाम पर फ़ायदा न उठा सके।
इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिलेगा और बाज़ार में भी पारदर्शिता बनी रहेगी।
केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल
इस फैसले से ये भी साफ़ होता है कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय हो रहा है। शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार के साथ मिलकर किसानों के हित में ये निर्णय लिया है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार ओडिशा के किसानों के साथ पूरी मज़बूती से खड़ी है और उनकी हर ज़रूरत में सहयोग करेगी।
किसानों के लिए मज़बूत संदेश
इस पूरे फैसले से किसानों को ये भरोसा मिला है कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रही है। शिवराज सिंह चौहान ने साफ़ कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
अगर ये खरीद प्रक्रिया सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले समय में किसानों की आय में स्थिरता आएगी और खेती अधिक लाभदायक बन सकेगी।
इसे भी पढ़िए: किसानों के लिए सरल सिस्टम और भरोसे की ज़रूरत
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

