Thursday, 1 October 2026
पशुपालन टेक्नोलॉजी न्यूज़

संतुलित आहार से बढ़ेगी दूध की गुणवत्ता, इसके लिए ICAR ने विकसित किया फ़ीड पूरक

दूध की गुणवत्ता (Milk Quality): पिछले कुछ समय में डेयरी उद्योग में क्रॉसबीडिंग, बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और प्रबंधन के कारण भारत में दूध का उत्पादन बढ़ा है, मगर इसकी गुणवत्ता सुनिश्ति करना भी ज़रूरी है। दरअसल, डेयरी की कुल लागत का 70 प्रतिशत सिर्फ़ आहार पर खर्च होता है। ऐसे में अगर पशुओं के आहार का ध्यान रखा जाए और उन्हें संतुलित आहार दिया जाए तो, दूध की गुणवत्ता में सुधार के साथ ही लागत में भी कमी आएगी। दूध की खराब गुणवत्ता का क्या कारण है और उसमें कैसे सुधार किया जा सकता है, आइए जानते हैं।

गुणवत्तापूर्ण दूध का अर्थ

इसका मतलब है कि दूध में पर्याप्त फैट (वसा), फैट रहित SNF, न्यूनतम माइक्रोबियल भार, दूषित पदार्थों और अंतः विकसित विषाक्त पादर्थों से रहित होना चाहिए। इन सभी मापदंडों पर खरा उतरने पर ही दूध को गुणवत्तापूर्ण माना जाता है। दूध में वसा कम होने का मतलब है कि इसकी गुणवत्ता खराब होना और कम वसा कई कारणों से हो सकती है, जैसे- पशुओं को कम फाइबर युक्त आहार देना, चारे को बहुत मोटा या महीन काटना, अधिक मात्रा में घुलनशील शुगर का सेवन, आहार में कम प्रोटीन और अधिक वसा शामिल होना, इसके अलावा दूध निकालने का गलत तरीका भी इसके लिए ज़िम्मेदार हो सकती है।

दूध की गुणवत्ता

दूध में वसा कम होने के कारण

कुछ गाय अनुवांशिक कारणों से भी कम फैट वाला दूध देती हैं। जैसे-स्वदेशी और जर्सी पुशओं की तुलना में शुद्ध होल्स्टीन फ्रिजियन और इसकी संकर गाय कम फैट वाला दूध देती है। इसके साथ ही ज़्यादा दूध देने वाली गायों में भी दूध वसा कम होता है।

कंसंट्रेट या उच्च घुलनशील शुगर का सेवन

कम फाइबर और ज़्यादा कंसंट्रेट या अनाज (मक्का) के सेवन से अधिक लैक्टेट और कम वसा वाला दूध होगा। इसलिए फाइबर और कंसंट्रेट संतुलित मात्रा में खिलाना चाहिए। रूमेन में फाइबर का पाचन बेहतर हो इसके लिए पहले कटा हुआ चारा और फिर कंसंट्रेट खिलाना चाहिए।

दूध की गुणवत्ता 4

सबक्लिनिकल रूमेन एसिडोसिस

पशुओं को जब ज़्यादा अनाज या फर्मेन्टेड उत्पाद खिलाया जाता है, तो इसकी वजह से रूमेन एसिडोसिस हो सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने से डेयरी पशुओं में लैमिनाइटिस हो सकता है। इसके अलावा, लंबे समय तक सिर्फ़ साइलेज को चारे के रूप में खिलाने से सबक्लिनिकल रूमेन एसिडोसिस, लैमिनाइटिस और दूध में वसा कम भी हो सकता है। इसलिए साइलेज को कंसंट्रेट मिश्रण और अन्य चारे के साथ मिलाकर कुल मिश्रित राशन के रूप में देना चाहिए।

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प्रोटीन और सल्फर की कमी

कम प्रोटीन और सल्फर का सेवन रूमेन को कम फर्मेन्टेड करता है। इसके साथ ही दूध में वसा और एसएनएफ दोनों की मात्रा को भी कम करता है। इसे संतुलित करने के लिए कंसंट्रेट मिश्रण या फलियां चारे के ज़रिए पर्याप्त प्रोटीन खिलाएं।
चारा और कंसंट्रेट खिलाने का क्रम बेहतर रोमिनेशन, रूमेन माइक्रोबियल गतिविधि और पशु स्वास्थ्य के लिए पहले कटी हुई हरी घास खिलाकर बाद में चारा और कंसंट्रेट मिश्रण खिलाना चाहिए।

गुणवत्तापूर्ण दूध के लिए प्रबंधन

कंसंट्रेट मिश्रण को पानी में मिलाकर नहीं खिलाना चाहिए। अगर ज़रूरी हो तो उसे अर्ध-ठोस रूप में दें, मगर तरल में नहीं। धूल से बचाने के लिए मिश्रण पर बस पानी का छिड़काव करें। पशुओं को कंसंट्रेट मिश्रण खिलाने के बाद 2 घंटे तक पानी नहीं देना चाहिए, जिससे कंसंट्रेट का रूमेन पाचन बेहतर होगा। दूध निकालते समय आखिरी बूंद तक निकालनी चाहिए क्योंकि उसमें वसा अधिक होता है। दूध की गुणवत्ता के लिए इसमें पानी की मिलावट न करें।

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Kisan of India FacebookICAR का फ़ीड पूरक

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)- NIANP बेंगलुरू ने डेयरी मालिकों की पशुओं के पोषण संबंधि समस्या दूर करने के लिए एक खास फीड पूरक बनाया है। इस पूरक में रूमेन फर्मेन्टेशन के लिए सबसे अहम पोषक तत्व होते हैं और इसे चारा खिलाने के बाद खिलाया जाना चाहिए। इस पूरक आहार से दूध की गुणवत्ता और पशुओं की प्रजनन क्षमता में सुधार होता है। मध्य दूध देने वाले पशुओं को एक दिन में 250 ग्राम और अधिक दूध देने वाले पशुओं को प्रति दिन 500 ग्राम पूरक आहार देना चाहिए।

इसके साथ ही दूध में कम वसा की समस्या से निपटने के लिए पशुओं को कंसंट्रेट मिश्रण और फलियों के साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाला हरा चारा भी संतुलित मात्रा में खिलाना चाहिए।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल। 
 
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Kanchan Singh

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