गोभी की फसल बर्बाद करने की आई नौबत, नए कृषि कानून से मिला 10 गुना ज्यादा मुनाफा

केंद्र सरकार ने फसल बेचने के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म बनाया है। इसी पर दिल्ली के एक खरीदार ने ओम प्रकाश के सामने 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोभी की फसल खरीदने का प्रस्ताव रखा।

दिल्ली सीमा पर किसानों ने नए कृषि कानूनों के विरोध में मोर्चा खोल रखा है। वे इसे अपने लिए नुकसानदायक बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इसी कृषि कानून की वजह से बिहार के एक किसान ओम प्रकाश यादव की गोभी की फसल (cauliflower crop) बर्बाद होने से बच गई।

दरअसल समस्तीपुर (samastipur) जिले के मुक्तापुर गांव निवासी ओम प्रकाश यादव (om prakash yadav) ने अपने खेत में गोभी की फसल तैयार की, लेकिन उन्हें इसका उचित दाम नहीं मिल रहा था।

सिर्फ एक रुपये प्रति किलो के हिसाब से लोग उनसे गोभी खरीद रहे थे। उसे स्टोर करने में लागत ज्यादा आ रही थी। ऐसे में नाराज किसान ने खेत के कुछ हिस्से पर जुताई करवा कर गोभी की फसल नष्ट कर दी।

सोशल मीडिया पर इस खबर के वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (ravi shankar prasad) को इस बारे में पता चला। उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर (csc) में फोन किया। उन्होंने किसान की फसल को किसी दूसरे राज्य में उचित दाम पर बेचने की व्यवस्था करवाने का निर्देश दिया।

बता दें कि केंद्र सरकार ने फसल बेचने के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म बनाया है। इसी डिजिटल प्लेटफार्म पर दिल्ली (delhi) के एक खरीदार ने ओम प्रकाश यादव के सामने 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोभी की फसल खरीदने का प्रस्ताव रखा।

सौदा पक्का होने के बाद खरीदार ने पूरी फसल का एडवांस ओम प्रकाश के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा खरीदार ने बिहार से गोभी मंगवाने के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था कर उसे दिल्ली मंगा लिया।

इस तरह ओम प्रकाश की जो गोभी एक रुपये में जा रही थी, उससे दस गुना दाम उन्हें डिजिटल प्लेटफार्म  (digital plateform) के जरिए मिल गया। यह जानकारी रवि शंकर प्रसाद ने ट्वीट कर दी है।

Kisan of India Instagram
सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।
मंडी भाव की जानकारी
ये भी पढ़ें:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top