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मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने किसानों के लिए कई घोषणाएं कीं, जो खेती को फायदे का धंधा बनाने का रास्ता दिखाती हैं। 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित कर सरकार ने अन्नदाताओं की आमदनी और सुरक्षा को मजबूत करने का भरोसा जताया।
अब घर बैठे बनेगा किसान क्रेडिट कार्ड
किसानों के लिए सबसे अहम घोषणा ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पोर्टल की शुरुआत है। अब किसानों को KCC के लिए बार-बार बैंक या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से अप्लाई कर सकेंगे। ये डिजिटल पहल ख़ासकर दूर-दराज के गांवों के किसानों के लिए वरदान साबित होगी, जहां बैंक पहुंचना मुश्किल होता है।
कर्ज चुकाने में मिलेगी छूट
बड़ी राहत की बात ये है कि अब खरीफ और रबी फसल के कर्ज़ की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता खत्म हो गई है। किसान 12 महीने में अपनी सुविधा के अनुसार कर्ज चुका सकेंगे। ये उन किसानों के लिए अहम है, जिनकी आमदनी एक साथ नहीं होती। सरकार ने ज़ीरो फीसदी ब्याज पर एग्रीकल्चर लोन प्रोसेस को भी आसान बनाने की बात कही है।
‘कृषक कवच’ से छूटे किसान होंगे जुड़े
‘कृषक कवच’ योजना उन किसानों के लिए है, जो बैंकिंग प्रोसेस अधूरी होने की वजह सरकारी योजनाओं से छूट गए थे। अब उन्हें व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा 200 नई प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के ऑफिस भी शुरू किए गए, जिससे ग्रामीण स्तर पर सहकारिता व्यवस्था मज़बूत होगी।
10 घंटे बिजली और 100 लाख हेक्टेयर का टारगेट
किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या सिंचाई की है। इसका समाधान करते हुए सरकार ने दिन में 10 घंटे बिजली देने की दिशा में काम करने की घोषणा की है। अब किसानों को रात में खेतों पर नहीं जाना पड़ेगा। वहीं सिंचाई का रकबा 60 लाख से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करने का टारगेट रखा गया है। केन-बेतवा लिंक और पार्वती-कालीसिंध जैसी बड़ी परियोजनाओं से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
बजट में किसानों के लिए 1.15 लाख करोड़
सरकार ने कृषि क्षेत्र के लिए 1.15 लाख करोड़ रुपये का मेगा पैकेज दिया है। इसमें प्रोडक्शन बढ़ाने, कृषि आदान व्यवस्था मज़बूत करने, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और फसल बीमा जैसी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग राशि तय की गई है। इसके अलावा 5 योजनाओं को अगले 5 साल तक जारी रखने की परमिशन दी गई है।
मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए MP को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने का टारगेट रखा गया है। हर ब्लॉक में ‘वृंदावन ग्राम’ डेवलप किए जाएंगे। चारा अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। नई गौपालन योजना के तहत 40 लाख रुपये तक के लोन पर 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
सरकार अब खेती को एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग और निर्यात से जोड़कर किसानों की आमदनी बढ़ाना चाहती है। डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी एग्रीकल्चर सेक्टर में किया जाएगा।
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