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उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक अच्छी ख़बर है। यूपी सरकार ने कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने के लिए 286.46 करोड़ रुपये की बड़ी राशि मंजूर की है। इस पैसे से प्रदेश भर में कई नई परियोजनाएं शुरू होंगी और पुरानी सुविधाओं को भी मॉडर्न बनाया जाएगा।
सरकारी फार्म होंगे हाईटेक
इस बड़े बजट में सबसे अहम है सरकारी एग्रीकल्चर फार्मों को आधुनिक बनाने के लिए 60 करोड़ रुपये की दो साल की योजना। अब इन फार्मों में नई मशीनें, ट्यूबवेल और पानी निकासी की बेहतर सुविधाएं होंगी। इससे किसानों को मॉडर्न एग्रीकल्चर के तरीके सीखने को मिलेंगे।
नई लैब और गोदाम
किसानों को बेहतर सलाह और सुविधाएं देने के लिए कई नई लैब और गोदाम बनेंगे-
1.गन्ना किसानों के लिए बड़ी सौगात: गोरखपुर में टिशू कल्चर लैब बनेगी, जहां गन्ने की नई और उन्नत किस्मों के बीज तैयार होंगे। ये उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए बहुत फायदेमंद होगा।
2.कीटों से निजात: देवरिया में नई IPM (Integrated Pest Management) लैब और सॉयल टेस्टिंग लैब बनेगी। साथ ही, लखीमपुर खीरी में भी मिट्टी टेस्टिंग लैब के लिए पैसा मंजूर हुआ है।
3.बीज रखने की व्यवस्था: बुलंदशहर, मैनपुरी और जालौन में Seed storage warehouse बनेंगे, जिनकी कुल क्षमता 5,300 मीट्रिक टन होगी।
4.पैक्स को मज़बूती: 14 पैक्स (PACS) में गोदाम और वेयरहाउस की फैसिलिटी डेवलप करने के लिए 54.55 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
किसान-वैज्ञानिक संवाद को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि किसानों को नई तकनीक से जोड़ना बहुत जरूरी है। इसलिए कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के ज़रीये से किसान-वैज्ञानिक संवाद और कृषि तीर्थ कार्यक्रम कराने के लिए 8.80 करोड़ रुपये दिए गए हैं। वहीं रहमान खेड़ा स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान में कृषि यंत्रीकरण और कंबाइन हार्वेस्टर (Agricultural Mechanization and Combine Harvesters) की ट्रेनिंग के लिए 6.10 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
मछली पालन और बागवानी को बढ़ावा
मछली पालन विभाग को 7.91 करोड़ रुपये मिले हैं। इस पैसे से ट्रेनिंग प्रोग्राम होंगे, गोरखनाथ हैचरी को दोबारा से बवनाया जाएगा और सरकारी मछली फार्म मजबूत बनेंगे। बागवानी विकास की परियोजनाओं के लिए 5.98 करोड़ रुपये मज़ूर किए गए हैं।
कृषि विश्वविद्यालयों पर भी फोकस
बांदा, अयोध्या, मेरठ के कृषि विश्वविद्यालयों और मथुरा के पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में अनुसंधान, बुनियादी ढांचे और दूसरे कामों के लिए 13.80 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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