Global Tiger Day 2026 पर भारत ने दोहराया बाघ संरक्षण का संकल्प, NTCA ने लॉन्च किया नया ईको-टूरिज्म पोर्टल

Global Tiger Day 2026 पर भारत ने बाघ संरक्षण की उपलब्धियां साझा कीं, NTCA ने नया ईको-टूरिज्म पोर्टल लॉन्च किया।

Global Tiger Day 2026 के अवसर पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की ओर से नई दिल्ली में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोगों से प्रकृति के साथ गहरा जुड़ाव बनाने और पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि Global Tiger Day 2026 केवल बाघों के संरक्षण का दिन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी को मज़बूत करने का भी अवसर है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, वन्यजीव विशेषज्ञ, वन विभाग के अधिकारी, छात्र और अन्य हितधारक भी मौजूद रहे। इस अवसर पर भारत की बाघ संरक्षण उपलब्धियों को साझा किया गया और भविष्य के लिए नए संकल्प भी लिए गए।

Global Tiger Day 2026 पर बाघ संरक्षण की उपलब्धियां हुईं साझा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश में बाघों और टाइगर रिजर्व की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में बाघों की संख्या 3,682 और टाइगर रिजर्व की संख्या 58 हो चुकी है।

उन्होंने यह भी बताया कि इसी अवधि में हाथी रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, संरक्षित क्षेत्र, सामुदायिक रिजर्व और वेटलैंड्स की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। Global Tiger Day 2026 के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह उपलब्धियां भारत की मज़बूत संरक्षण नीति और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम हैं।

प्रकृति केवल पर्यटन नहीं, सम्मान का विषय भी है

भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल जानवरों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसके लिए प्रकृति के साथ सम्मानजनक संबंध बनाना भी ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि लोग प्रकृति को केवल घूमने या मनोरंजन का साधन न समझें, बल्कि उससे शांति और प्रेरणा भी प्राप्त करें।

उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। Global Tiger Day 2026 के दौरान उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति सकारात्मक सोच ही भविष्य में वन्यजीव संरक्षण को मज़बूत बनाएगी।

Global Tiger Day 2026 पर भारत ने दोहराया बाघ संरक्षण का संकल्प, NTCA ने लॉन्च किया नया ईको-टूरिज्म पोर्टल

NTCA का नया ईको-टूरिज्म वेबपेज हुआ लॉन्च

Global Tiger Day 2026 के अवसर पर भूपेंद्र यादव ने NTCA का नया ईको-टूरिज्म वेबपेज भी लॉन्च किया। इस प्लेटफॉर्म पर देश के सभी टाइगर रिजर्व की आधिकारिक वेबसाइटों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई है।

इस पोर्टल के माध्यम से पर्यटक संबंधित टाइगर रिजर्व की प्रमाणिक वेबसाइट पर जाकर सफारी और आवास की बुकिंग कर सकेंगे। इसका उद्देश्य जिम्मेदार और टिकाऊ प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है।

वन्यजीव संरक्षण केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं

कार्यक्रम के दौरान भूपेंद्र यादव ने कहा कि वन और वन्यजीव संरक्षण की कहानियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होतीं। इनमें पारंपरिक ज्ञान, भावनाएं, वन्यजीव संरक्षण के प्रति समर्पण और वर्षों का अनुभव भी शामिल होता है।

उन्होंने वन अधिकारियों और संरक्षण विशेषज्ञों से अपने अनुभवों को लिखने और साझा करने की अपील की, ताकि भविष्य में बेहतर नीतियां बनाने में इनका उपयोग किया जा सके। Global Tiger Day 2026 के मंच से उन्होंने वन अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने और वैश्विक स्तर की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने पर भी ज़ोर दिया।

IBCA और प्रशिक्षण पर दिया विशेष ज़ोर

भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में International Big Cat Alliance (IBCA) दुनिया के देशों के बीच ज्ञान साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। उन्होंने वन अधिकारियों और कर्मचारियों के नियमित प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया, जिससे बाघ संरक्षण के प्रयास और मज़बूत हो सकें।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिला सम्मान

Global Tiger Day 2026 के दौरान NTCA Awards भी प्रदान किए गए। ये सम्मान बाघ संरक्षण और संरक्षित क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वन अधिकारियों और अन्य सहयोगियों को दिए गए।

इस अवसर पर वन क्षेत्र में कार्यरत फ्रंटलाइन कर्मचारियों के योगदान को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में “Save Tiger” विषय पर दिल्ली-एनसीआर के स्कूली बच्चों की पेंटिंग, स्केच, स्लोगन लेखन और मास्क निर्माण प्रतियोगिता की श्रेष्ठ प्रविष्टियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

इसके अलावा पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के तहत देशभर के ईको-क्लबों के माध्यम से बाघ संरक्षण जागरूकता अभियान भी चलाया गया, जिसमें टाइगर रिजर्व के आसपास स्थित स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया गया।

Global Tiger Day 2026 पर भारत ने दोहराया बाघ संरक्षण का संकल्प, NTCA ने लॉन्च किया नया ईको-टूरिज्म पोर्टल

5 महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी हुआ विमोचन

Global Tiger Day 2026 के मौके पर NTCA ने 5 महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी विमोचन किया। इनमें जुलाई 2026 का NTCA Outreach Journal STRIPES, 24 टाइगर रिजर्व का Security Audit Report, भारत के टाइगर लैंडस्केप में Sloth Bear Habitat Suitability Assessment Report, IBCA और GTF द्वारा प्रकाशित Tigers of the World तथा चंद्र प्रकाश गोयल और सत्य प्रकाश यादव द्वारा लिखी गई पुस्तक The Rehman Khera Tiger शामिल हैं।

इन प्रकाशनों का उद्देश्य वैज्ञानिक आधार पर संरक्षण को मज़बूत करना, ज्ञान साझा करना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

क्यों मनाया जाता है Global Tiger Day 2026?

हर वर्ष 29 जुलाई को Global Tiger Day 2026 मनाया जाता है। लगभग एक सदी पहले एशिया में करीब एक लाख जंगली बाघ पाए जाते थे, लेकिन आज उनका प्राकृतिक क्षेत्र आठ प्रतिशत से भी कम रह गया है। बाली, जावन और कैस्पियन बाघ जैसी तीन उप-प्रजातियां पूरी तरह विलुप्त हो चुकी हैं।

बाघों की घटती संख्या को देखते हुए वर्ष 2010 में सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर समिट में 13 टाइगर रेंज देशों ने Global Tiger Recovery Program (GTRP) शुरू किया और 29 जुलाई को Global Tiger Day मनाने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग मज़बूत करना और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Global Tiger Day 2026 के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बाघ संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही भारत की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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