दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए भारत सरकार का बड़ा अभियान

भारत में खाद्य तेल की खपत तेजी से बढ़ी है। फिलहाल, हमारी घरेलू ज़रूरत का केवल 40-45 फीसदी ही हम खुद पैदा कर पाते हैं।

भारत सरकार ने दालों और तिलहनों के उत्पादन (Production of pulses and oilseeds) को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रणनीति बनाई है। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य तेल (Edible oil) के मामले में आयात पर निर्भरता को कम करके देश को आत्मनिर्भर बनाना है। 

क्यों है यह ज़रूरी?

भारत में खाद्य तेल की खपत तेजी से बढ़ी है। फिलहाल, हमारी घरेलू ज़रूरत का केवल 40-45 फीसदी ही हम खुद पैदा कर पाते हैं। बाकी के लिए हमें आयात पर निर्भर रहना पड़ता है, जिस पर 57 फीसदी तक खर्च हो जाता है। सरकार इस आयात को कम करना चाहती है और किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ दलहन और तिलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

सरकार की बड़ी योजनाएं

इस दिशा में सरकार की ओर से कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को शुरू किया गया है:-

1.राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन-तिलहन (NMEO-OS) -: 2024 में शुरू इस मिशन पर 10,103 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका टारगेट प्राइमरी तिलहनों के प्रोडक्शन को  39 मिलियन टन से बढ़ाकर 2030-31 तक 69.7 मिलियन टन करना है। इस मिशन के तहत मॉडर्न  तकनीक, उन्नत बीज और किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। 

2.दलहन आत्मनिर्भरता मिशन -: अक्टूबर 2025 में शुरू इस मिशन का लक्ष्य दालों का प्रोडक्शन 242 लाख टन से बढ़ाकर 2030-31 तक 350 लाख टन करना है।

 3.राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) और एकीकृत बागवानी विकास मिशन (MIDH) जैसी योजनाओं के तहत भी किसानों को वित्तीय मदद दी जा रही है।

रणनीति और रिज़ल्ट

नीति आयोग ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक रिपोर्ट में बनाई है: – 

1.Crop Diversification: पारंपरिक खेती के साथ तिलहन को शामिल करना।

2.Horizontal Expansion: चावल की परती भूमि और बंजर जमीन का इस्तेमाल तिलहन की खेती के लिए करना।

3.Upward Expansion: उन्नत तकनीकों से उपज बढ़ाना।

सरकार के अनुसार, इन प्रयासों से घरेलू खाद्य तेल की उपलब्धता 2030 तक 16 मिलियन टन और 2047 तक 26.7 मिलियन टन तक बढ़ सकती है। इससे किसानों को फसल विविधीकरण से जोखिम कम करने और एक्स्ट्रा आमदनी के मौके मिलेंगे, साथ ही देश खाद्य सुरक्षा के मामले में मज़बूत होगा।

 

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सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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