Protein: भारतीयों की थाली की सबसे बड़ी कमी, जानिए क्यों है ज़रूरी

सरकार का मानना है कि ‘प्रोटीन को सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि पूरे Food Processing Ecosystem को मज़बूत करने का अवसर देखा जाना चाहिए’।

आप रोज़ पेट भर खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी थाली में सबसे जरूरी चीज़ की कमी है? हाल ही में हुए एक बड़ी रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। भारत की 90 फीसदी आबादी की डाइट में प्रोटीन (Protein) की भारी कमी है। 

सरकार ने कहा- ‘Protein कोई ट्रेंड नहीं’

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (Union Ministry of Food Processing Industries) के संयुक्त सचिव रणजीत सिंह (Joint Secretary Ranjeet Singh) ने हाल ही में एक बड़े सम्मेलन में साफ कहा कि ‘प्रोटीन कोई ट्रेंड नहीं, बल्कि एक सेहतमंद और उत्पादक आबादी का बुनियादी ज़रूरत है’। उन्होंने यह भी कहा कि प्रोटीन सिर्फ पोषण का मामला नहीं, बल्कि यह कृषि, फूड प्रोसेसिंग, इनोवेशन और बिज़नेस के सेंटर प्लेस में है।

क्यों है भारतीय थाली में प्रोटीन की कमी?

ICMR (Indian Council of Medical Research) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीयों को रोज़ाना की 62 फीसदी एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से मिलती है, जबकि प्रोटीन (Protein) से सिर्फ 12 फीसदी। यानी हमारी थाली में चावल-रोटी तो भरपूर हैं, लेकिन दाल, अंडा, दूध, पनीर जैसी प्रोटीन वाली चीज़ें बहुत कम।

सबसे हैरानी की बात ये है कि ये कमी सिर्फ गरीबों में नहीं, बल्कि शहरों और अमीर घरों में भी उतनी ही गंभीर है। प्रोफेसर अनूपा सिद्धू (Professor Anupa Sidhu) ने साफ कहा कि ‘भारतीय आहार की असली समस्या बहुत ज्यादा कार्ब्स और बहुत कम प्रोटीन (Protein) है’।  

Protein की कमी से क्या होता है?

शरीर के लिए प्रोटीन ईंट की तरह है। ये मांसपेशियां बनाता है, इम्यूनिटी मज़बूत करता है और शरीर की हर कोशिका की मरम्मत करता है।

  • बच्चों में प्रोटीन की कमी से विकास रुक जाता है
  • बड़ों में थकान, कमज़ोरी और बार-बार बीमार पड़ना आम हो जाता है
  • डायबिटीज और मोटापे का ख़तरा बढ़ जाता है

क्या है हल?

सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं जिसमें  प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना, पीएलआई योजना और सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना शामिल है। लेकिन असली बदलाव हमारी आदतों में लाना होगा:

  • रोज की थाली में दाल, अंडा, पनीर, दूध, सोयाबीन शामिल करें।
  • चावल-रोटी की मात्रा कम करें और प्रोटीन को थाली का केंद्र बनाएं। 
  • नाश्ते में भुने चने, अंकुरित अनाज, मूंगफली खाएं।

सरकार की बड़ी पहल

एफआईसीसीआई (FICCI) ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जो भारत में प्रोटीन सुरक्षा के लिए पूरी योजना बताती है। सरकार का मानना है कि ‘प्रोटीन को सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि पूरे Food Processing Ecosystem को मज़बूत करने का अवसर देखा जाना चाहिए’।

FSSAI (Food Safety Standards Authority) ने भी कहा कि ज़रूरत है ‘प्रोटीन जागरूकता से प्रोटीन साक्षरता की ओर बढ़ने की’। प्रोटीन कोई विदेशी चीज़ नहीं, बल्कि हमारी पारंपरिक थाली का हिस्सा रहा है। दाल, छाछ, पनीर, अंकुरित अनाज। बस ज़रूरत है इसकी अहमियत को समझने और अपनी थाली को बैलेंस बनाने की।  

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