Tiger Landscapes के संरक्षण से बढ़ेंगे रोज़गार और किसानों की आय के अवसर

Tiger Landscapes के संरक्षण, ecotourism और bioeconomy से आजीविका व आय बढ़ाने के अवसरों पर दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मंथन।

नई दिल्ली में Tiger Landscapes के संरक्षण, bioeconomy और ecotourism को स्थानीय आजीविका और आय बढ़ाने से जोड़ने पर दो दिवसीय International Workshop आयोजित की गई। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 2 सितंबर 2026 को इस वर्कशॉप का उद्घाटन किया। यह वर्कशॉप 2 और 3 सितंबर को International Big Cat Alliance (IBCA), Asian Development Bank (ADB) और National Tiger Conservation Authority (NTCA) की ओर से आयोजित की जा रही है।

इस वर्कशॉप का मुख्य फोकस Tiger Landscapes को natural capital के रूप में पहचानने, ecosystem services के महत्व को समझने और conservation, bioeconomy तथा ecotourism के जरिए sustainable livelihood और local income generation को बढ़ावा देने पर है। इसमें इस बात पर भी चर्चा की जा रही है कि ecological security को मज़बूत करते हुए स्थानीय लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास को कैसे आगे बढ़ाया जाए।

Tiger Landscapes में सिर्फ़ बाघ ही नहीं, पूरा ecosystem शामिल

भूपेंद्र यादव ने भारत में Project Tiger के तहत हुए संरक्षण कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि बाघों का अस्तित्व केवल बाघों की सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसके साथ जंगल, grasslands, rivers, prey species, wildlife corridors और स्थानीय समुदाय भी जुड़े हुए हैं।

Tiger Landscapes पानी की सुरक्षा, carbon sequestration, climate regulation, biodiversity conservation और livelihood support जैसी कई महत्वपूर्ण ecosystem services उपलब्ध कराते हैं। इसलिए Tiger Landscapes को प्राकृतिक पूंजी के रूप में देखने की ज़रूरत है। मंत्री ने कहा कि अब conservation को केवल किसी एक species पर केंद्रित रखने के बजाय integrated landscape management की ओर बढ़ना होगा।

इस approach में बाघ संरक्षण के साथ ecological security और socio-economic development को भी आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है। इसके लिए nature-based solutions, innovative financing mechanisms और community-based ecotourism को महत्वपूर्ण माना गया है।

बाघ संरक्षण के साथ मानव-प्रकृति का संतुलन ज़रूरी

भूपेंद्र यादव ने कहा कि “Conservation with harmony and Human-nature coexistence should be the foundation of ecological conservation.” उन्होंने भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को quality food की सुरक्षा से भी जोड़ा, जो मानव जीवन के लिए ज़रूरी है।

उन्होंने कहा कि दुनिया desertification, soil moisture की कमी और soil quality के degradation जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में Tiger Landscapes का संरक्षण महत्वपूर्ण हो जाता है। स्थानीय समुदायों के ज्ञान और अनुभव का इस्तेमाल करते हुए sustainable social-economic development को बढ़ावा दिया जा सकता है और प्रकृति की सुरक्षा भी की जा सकती है।

मंत्री ने बाघ संरक्षण के लिए traditional knowledge को policy making का हिस्सा बनाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि conservation, bioeconomy और ecotourism से जुड़ी नीतियों में स्थानीय ज्ञान को शामिल किया जाना चाहिए।

Tiger Landscapes के संरक्षण से बढ़ेंगे रोज़गार और किसानों की आय के अवसर

स्थानीय ज्ञान को नीतियों से जोड़ने की ज़रूरत

भूपेंद्र यादव ने कहा कि वर्कशॉप में knowledge sharing और capacity building के साथ native knowledge sharing पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने IBCA से Global South के स्थानीय ज्ञान को एक साथ लाने में नेतृत्व करने का आग्रह किया।

उनके अनुसार, Tiger Landscapes से जुड़े क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय समुदायों का अनुभव sustainable conservation के लिए उपयोगी हो सकता है। इसलिए बाघ संरक्षण की नीतियों को तैयार करते समय स्थानीय परिस्थितियों और पारंपरिक ज्ञान को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

IBCA और ADB के बीच हुआ MoU

वर्कशॉप के दौरान International Big Cat Alliance और Asian Development Bank के बीच Memorandum of Understanding यानी MoU पर हस्ताक्षर किए गए। यह partnership landscape conservation, sustainable development, capacity building, knowledge exchange और nature-positive financing initiatives में सहयोग को मज़बूत करेगी।

भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के vision के तहत IBCA सात big cat species के संरक्षण के लिए देशों और institutions के बीच cooperation के एक global platform के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस साझेदारी से Tiger Landscapes के संरक्षण और sustainable development के लिए सहयोग के नए अवसर तैयार होंगे।

ADB की India Country Director Mia Oka ने बताया कि 2026 में भारत के साथ ADB की partnership के 40 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपने ecological conservation और sustainable social-economic development के अनुभव को big cat range countries के साथ साझा कर सकता है। ADB इन देशों को साथ लाने और ecological conservation के लिए sustainable financing opportunities तैयार करने में भूमिका निभाएगा।

Tiger Landscapes के संरक्षण से बढ़ेंगे रोज़गार और किसानों की आय के अवसर

कई देशों के प्रतिनिधि वर्कशॉप में शामिल

वर्कशॉप में Bangladesh, Bhutan, Cambodia, Malaysia, Nepal और Vietnam के experts और government representatives शामिल हुए हैं। इसके अलावा MoEFCC, State Forest Departments और Tiger Reserves के अधिकारी, development partners, researchers, conservation practitioners और अन्य stakeholders भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

यह मंच Tiger Landscapes के संरक्षण से जुड़े अनुभवों को साझा करने और regional तथा international cooperation को बढ़ावा देने का अवसर दे रहा है। साथ ही बाघ संरक्षण को sustainable development, local livelihood और income generation से जोड़ने के नए तरीकों पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे approaches को आगे बढ़ाना है, जिनसे प्रकृति और मानव समुदायों के बीच बेहतर संतुलन कायम रखते हुए लंबे समय तक ecological security मज़बूत की जा सके।

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