Thursday, 1 October 2026
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तोतापुरी आम के किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल, शिवराज सिंह चौहान ने दिए कई अहम निर्देश

आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में तोतापुरी आम की खेती करने वाले किसानों को लगातार कम क़ीमत मिलने और आय घटने की शिकायतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली के कृषि भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कर तोतापुरी आम की खेती, प्रसंस्करण और विपणन व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

बैठक में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि केवल रिपोर्ट तैयार करके मामला समाप्त नहीं किया जाएगा, बल्कि नीति, तकनीक और बाज़ार तीनों स्तरों पर ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

किसानों की समस्याएं जानने के लिए बनाई गई थी विशेषज्ञ समिति

शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के तहत एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। समिति में ICAR-CISH, ICAR-IIHR, डॉ. वाईएसआर हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी और राज्य बागवानी विभाग के विशेषज्ञ शामिल थे।

समिति ने 8 से 10 जुलाई 2026 के बीच आंध्र प्रदेश के तिरुपति और चित्तूर ज़िलों का दौरा किया। इस दौरान किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), मंडी प्रतिनिधियों, पल्प निर्माण इकाइयों, निर्यातकों और ज़िला प्रशासन से बातचीत कर तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन का अध्ययन किया।

क़ीमतों में गिरावट के कारणों का किया गया विश्लेषण

विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष तोतापुरी आम की क़ीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण रहे। इनमें समय पर खरीद और प्रोसेसिंग व्यवस्था का अभाव, घरेलू बाज़ार में आम आधारित पेय पदार्थों में असली आम के गूदे की कम मात्रा तथा वैश्विक बाज़ार में उतार-चढ़ाव प्रमुख कारण हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सीजन की शुरुआत में कई फैक्ट्रियां समय पर खरीद शुरू नहीं कर पातीं। दूसरी ओर किसानों की पूरी उपज एक साथ मंडियों और प्रोसेसिंग इकाइयों तक पहुंच जाती है, जिससे अचानक क़ीमतें गिर जाती हैं और किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।

तोतापुरी आम के किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल, शिवराज सिंह चौहान ने दिए कई अहम निर्देश

आम आधारित पेय में 22 से 25 प्रतिशत पल्प का सुझाव

बैठक में समिति ने सुझाव दिया कि आम आधारित सभी पेय पदार्थों में 22 से 25 प्रतिशत तक वास्तविक प्राकृतिक आम का पल्प अनिवार्य किया जाए। समिति का मानना है कि इससे तोतापुरी आम के पल्प की मांग बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को भी बेहतर गुणवत्ता वाले पेय पदार्थ मिलेंगे।

इस प्रस्ताव पर शिवराज सिंह चौहान ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), GST परिषद, वित्त मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, कृषि मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच अंतर-मंत्रालयी बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यक मानकों और कर व्यवस्था पर सहमति बनाई जा सके।

क़ीमत स्थिर रखने के लिए बनेगी समन्वय समिति

शिवराज सिंह चौहान की समीक्षा बैठक में तोतापुरी आम की वैल्यू चेन को व्यवस्थित करने के लिए केंद्रीय समन्वय एवं मूल्य स्थिरीकरण समिति बनाने की भी सिफारिश की गई।

यह समिति हर आम सीजन से पहले फ़सल उत्पादन का अनुमान, प्रोसेसिंग क्षमता, निर्यात की मांग, उत्पादन लागत और बाज़ार की स्थिति की समीक्षा करेगी। इसके आधार पर किसानों के लिए लाभकारी खरीद मूल्य और पल्प के संदर्भ मूल्य तय करने में मदद मिलेगी, जिससे किसानों और उद्योग दोनों को पहले से स्पष्ट संकेत मिल सकेंगे।

पुराने बागों के कायाकल्प पर रहेगा ज़ोर

बैठक में जानकारी दी गई कि आंध्र प्रदेश के चित्तूर, तिरुपति, अन्नमय्या और कडप्पा ज़िलों में तोतापुरी आम के कई पुराने बाग हैं, जिनकी उत्पादकता और गुणवत्ता दोनों घट चुकी हैं।

इस समस्या के समाधान के लिए विशेषज्ञ समिति ने टॉप वर्किंग तकनीक अपनाने की सिफारिश की। इसके तहत पुराने पेड़ों पर नीलम, अल्फांसो, हिमायत और बंगनपल्ली जैसी अधिक मूल्य वाली किस्मों की ग्राफ्टिंग की जाएगी। इससे दो से तीन वर्षों में बेहतर गुणवत्ता वाली नई फ़सल प्राप्त हो सकेगी। साथ ही गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिस (GAP), प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता पर भी ज़ोर दिया गया।

फल की गुणवत्ता सुधारने और खरीद व्यवस्था मज़बूत करने की योजना

बैठक में सुझाव दिया गया कि शुरुआती चरण में लगभग 23,333 हेक्टेयर क्षेत्र में फलों के लिए विशेष बैग उपलब्ध कराए जाएं। इससे फलों की बाहरी गुणवत्ता बेहतर होगी, कीटों से नुकसान कम होगा और किसानों को प्रीमियम बाज़ारों में बेहतर क़ीमत मिल सकेगी।

इसके अलावा बागवानी विभाग, प्रोसेसिंग उद्योग और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के सहयोग से क्षेत्रवार खरीद और शुरुआती प्रोसेसिंग व्यवस्था विकसित करने की भी सिफारिश की गई। आंध्र प्रदेश सरकार को यह भी सुझाव दिया गया कि सभी पंजीकृत प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए हर वर्ष 15 मई से खरीद और पल्प निर्माण शुरू करना अनिवार्य किया जाए।

तोतापुरी आम के किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की बड़ी पहल, शिवराज सिंह चौहान ने दिए कई अहम निर्देश

वैल्यू एडिशन और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन मॉडल पर भी चर्चा हुई। ICAR-CISH और IIHR द्वारा विकसित तकनीकों की मदद से आम की गुठली से मैंगो बटर और अन्य वैल्यू एडेड उत्पाद बनाने की संभावनाओं पर ज़ोर दिया गया, जिससे किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ सके।

APEDA के प्रतिनिधियों ने तोतापुरी आम सहित भारतीय आमों के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार का विस्तार करने की योजनाओं की जानकारी दी। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि APEDA, ICAR और राज्य सरकारों के सहयोग से तोतापुरी आम आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों और ताजे आमों के लिए एकीकृत निर्यात एवं विपणन रणनीति तैयार की जाएगी।

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

बैठक के अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन को किसान केंद्रित बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें, ICAR, APEDA, किसान उत्पादक संगठन और प्रोसेसिंग उद्योग मिलकर एक स्पष्ट रोडमैप तैयार करेंगे। उनका विश्वास है कि यदि इन सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक के तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी होगी और भारतीय आम वैश्विक बाज़ार में और मज़बूत पहचान बना सकेंगे।

ये भी पढ़ें : शिवराज सिंह चौहान ने ख़रीफ़ सीजन की तैयारियों की समीक्षा की

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुंचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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Akshay Kumar

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