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हरियाणा सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में 700 नए वीटा बूथ (New Vita Booths) खोले जाएंगे, जो महिला स्वयं सहायता समूहों (Women’s Self-Help Groups) को सशक्त बनाएंगे। इसके अलावा 21 चिलिंग मिल्क सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे दूध को ख़राब होने से बचाया जा सकेगा और महिलाओं को सही मूल्य मिल सकेगा।
महिला समूहों को 10 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी
सरकार ने महिला समूहों को दूध पर 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। सर्दियों में यह सब्सिडी 3 से बढ़ाकर 5 रुपये और गर्मियों में 5 से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। साथ ही, Milk Marketing Incentive में भी 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
Shared Dairy Scheme से गांवों में रोज़गार
सरकार ने सहकारी समितियों के तहत रजिस्टर्ड महिला स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘साझा डेयरी योजना’ शुरू की है। इसके तहत पंचायती ज़मीन पर पशु शेड बनाए जाएंगे और समूहों को रियायती दरों पर लोन की सुविधा दी जाएगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आमदनी के के नए सोर्स मिलेंगे।
वीटा बूथों पर मिलेंगे दूध-दही, घी और आइसक्रीम
हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ लिमिटेड के तहत महिला समूहों को वीटा बूथ अलॉट किए जाएंगे। इन बूथों पर अब सिर्फ दूध, दही और घी ही नहीं, बल्कि ‘वीटा ब्रांड’ के तहत आइसक्रीम भी उपलब्ध होगी। राज्य में अब तक 674 वीटा बूथ काम कर रहे हैं, 318 जल्द खुलेंगे और 240 के लिए एप्लिकेशन प्रोसेस चल रहा है।
जींद ज़िले में 5 लाख लीटर दूध का कलेक्शन
सहकारी समितियों और महिला समूहों के ज़रिये से अकेले जींद जिले में रोज़ाना 5 लाख लीटर दूध का संकलन किया जा रहा है। नए वीटा बूथ खुलने से यह संख्या और बढ़ेगी। महिला समूह हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ में आवेदन करके वीटा बूथ पा सकते हैं।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
यह पहल महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वीटा बूथ और चिलिंग सेंटर न केवल महिलाओं को रोजगार देंगे, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेंगे। इस योजना से हरियाणा की ग्रामीण महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
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