हिमाचल के मछुआरों को बड़ी सौगात: 80 फीसदी सब्सिडी और MSP की घोषणा, मत्स्य पालन व्यवसाय को मिलेंगी नई ऊंचाइयां

सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के इन फैसलों से हिमाचल प्रदेश के हजारों मछुआरा परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और मत्स्य पालन व्यवसाय (Fisheries business) को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के मछुआरों के लिए खुशख़बरी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Chief Minister Sukhvinder Singh Sukhu) ने प्रदेश के मछुआरों (Fishermen) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक के बाद एक कई बड़े फैसले लिए हैं। इन फैसलों से हिमाचल के हजारों मछुआरा परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा और मत्स्य पालन व्यवसाय (Fisheries business) को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।

1500 मछुआरों के खाते में पहुंचे 52.50 लाख रुपये

सीएम सुक्खू ने बिलासपुर जिले के झंडूता विधानसभा क्षेत्र का दौरा करते हुए 1500 मछुआरों को मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना (Chief Minister Fishermen’s Assistance Scheme ) के तहत डीबीटी के ज़रिये से कुल 52.50 लाख रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की। बाकी जिलों के मछुआरों को भी स्टेप बाय स्टेप तरीके से ये राशि दी जाएगी।

पांच गुना जुर्माना माफ़, मछुआरों को बड़ी राहत

सबसे बड़ी राहत की बात ये रही कि मुख्यमंत्री ने मछुआरा समितियों पर लगाए गए पांच गुना जुर्माने को पूरी तरह माफ करने की घोषणा की। इस फैसले से सैकड़ों मछुआरों पर लंबित जुर्माने का बोझ ख़त्म हो गया है।

कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी 70 फीसदी से बढ़ाकर 80 फीसदी की

मछली पालकों और मछुआरों के लिए एक और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सीएम ने कोल्ड स्टोरेज यूनिट लगाने पर दी जाने वाली सब्सिडी 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दी है। इससे मछुआरे कम लागत में अपनी कोल्ड स्टोरेज यूनिट बना सकेंगे और अपनी मछली को लंबे वक्त तक ताज़ा रख सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर दाम मिल सकेंगे।

100 रुपये किलो MSP, मछुआरों को मिलेगा सही दाम

सरकार ने जलाशयों से पकड़ी जाने वाली मछली के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय किया है। ये फैसला ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सहायता योजना’ (Chief Minister Fishermen’s Assistance Scheme ) के तहत लिया गया है, जिसकी घोषणा 2026-27 के बजट में की गई थी। अब मछुआरों को अपनी मछली सही दाम पर बेचने की गारंटी मिलेगी और बिचौलियों का शोषण ख़त्म होगा।

मॉनसून में आमदनी का संकट होगा दूर

मॉनसून के दौरान मछली पकड़ने पर प्रतिबंध के समय मछुआरा परिवारों को साल में एक बार 3,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इससे बंद मौसम में मछुआरों को आमदनी के संकट से राहत मिलेगी और वे अपने परिवार का पालन-पोषण आसानी से कर सकेंगे।

रॉयल्टी दर घटी, कमाई बढ़ेगी

सरकार ने जलाशयों में पकड़ी जाने वाली मछलियों पर रॉयल्टी की दर भी घटाकर 1 फीसदी कर दी है। इससे मछुआरों पर वित्तीय बोझ कम होगा और उनकी निवल आमदनी में इजाफा होगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट

हिमाचल सरकार ((Himachal Government)) का मानना है कि मत्स्य पालन (Fisheries) को बढ़ावा देना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश के कई परिवार सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जलाशयों और मत्स्य गतिविधियों पर निर्भर हैं। सरकार की इन योजनाओं से न केवल मछुआरों की आमदनी बढ़ेगी बल्कि प्रदेश का मछली उत्पादन भी बढ़ेगा, जिससे हिमाचल मत्स्य पालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।

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