BRICS Summit 2026 : कृषि में AI, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं से किसानों, कारोबारियों को होगा लाभ

BRICS देशों के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। इसका मकसद बाढ़, चक्रवात या भूकंप जैसी आपदाओं से पहले देशों के बीच डेटा साझा करना है

नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया कि भारत की अध्यक्षता सिर्फ बैठकों तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कई नई पहलों का ऐलान किया जो सीधे कारोबारियों, किसानों और आम लोगों की जिंदगी को छुएंगी।

आपदा से पहले मिलेगी चेतावनी

मोदी ने बताया कि BRICS देशों के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। इसका मकसद बाढ़, चक्रवात या भूकंप जैसी आपदाओं से पहले देशों के बीच डेटा साझा करना है, ताकि समय रहते बचाव की तैयारी हो सके। साथ ही संक्रामक बीमारियों के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर भी सहमति बनी है।

सप्लाई चेन होगी मजबूत

प्रधानमंत्री ने BRICS Logistics Supply Chain Operation Framework का जिक्र करते हुए कहा कि इससे सदस्य देशों के बीच सामान की आवाजाही ज्यादा भरोसेमंद होगी। किसी एक क्षेत्र में संकट आने पर भी जरूरी सामान की आपूर्ति बनी रहेगी।

स्टार्टअप्स के लिए बड़ा नेटवर्क

भारत ने BRICS Incubator Network की पहल की है, जो अलग-अलग देशों के स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को जोड़ेगा। इसके अलावा BRICS Startup Innovation Fund का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि नए और बड़े स्तर पर लागू होने वाले समाधानों को वित्तीय सहयोग मिल सके।

किसानों के लिए डिजिटल खेती

BRICS Network on Digital Agriculture के जरिए कृषि में AI, जियोस्पेशियल तकनीक और डिजिटल सेवाओं को किसानों की असली जरूरतों से जोड़ा जाएगा। इससे आधुनिक कृषि पद्धतियों के इस्तेमाल के नए रास्ते खुलेंगे।

भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता का पूरा जोर व्यावहारिक सहयोग पर है। मोदी ने कहा कि अब BRICS से दुनिया को सिर्फ विचार नहीं, ठोस नतीजे चाहिए। ये पहलें साबित करती हैं कि संगठन धीरे-धीरे आम लोगों की जिंदगी से जुड़ रहा है।

सम्पर्क सूत्र: किसान साथी यदि खेती-किसानी से जुड़ी जानकारी या अनुभव हमारे साथ साझा करना चाहें तो हमें फ़ोन नम्बर 9599273766 पर कॉल करके या kisanofindia.mail@gmail.com पर ईमेल लिखकर या फिर अपनी बात को रिकॉर्ड करके हमें भेज सकते हैं। किसान ऑफ़ इंडिया के ज़रिये हम आपकी बात लोगों तक पहुँचाएँगे, क्योंकि हम मानते हैं कि किसान उन्नत तो देश ख़ुशहाल।

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