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पश्चिमी राजस्थान के गर्म और शुष्क इलाकों में मोठ एक प्रमुख दलहनी फ़सल है। इसकी खेती करीब 10 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में होती है, लेकिन उत्पादकता लगभग 350 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर ही है। कम और अनिश्चित बारिश, 150 से 250 मिमी तक वर्षा और 20 से 30 दिन तक चलने वाले सूखे की स्थिति फ़सल के लिए बड़ी चुनौती रहती है। ऐसे में ऐसी क़िस्मों की ज़रूरत होती है, जो कम नमी में भी अपनी बढ़वार बनाए रखें और फ़सल के reproductive stage तक विकास जारी रख सकें।
इसी चुनौती को देखते हुए ICAR-Central Arid Zone Research Institute यानी CAZRI, जोधपुर लंबे समय से मोठ की breeding और genetic improvement पर काम कर रहा है। इसी प्रयास के तहत पिछले तीन वर्षों में CAZRI Moth-4, CAZRI Moth-5, CAZRI Moth-6 और CAZRI Moth-7 नाम की चार क़िस्में जारी की गई हैं। मौजूदा El Niño वर्ष यानी खरीफ 2026 में इन CAZRI Moth Bean varieties ने करीब 35 दिनों के लंबे moisture stress के दौरान field level पर बेहतर resilience दिखाई।
35 दिन तक बारिश नहीं हुई, फिर भी फ़सल में बनी रही हरियाली
10 जुलाई से 2 सितंबर 2026 के बीच crop growth period में cumulative pan evaporation करीब 317 मिमी रही। 3 अगस्त की बारिश के बाद 7 सितंबर तक लगातार 35 दिनों का dry spell रहा। इस दौरान cumulative pan evaporation करीब 180 मिमी दर्ज की गई।
फ़सल को शुरुआती growth stages में बारिश मिली, जिससे पौधों की शुरुआती growth, canopy development, soil binding और rhizosphere में moisture retention बेहतर रहा। 2 अगस्त तक 0 से 10 सेंटीमीटर की सतह वाली मिट्टी में soil moisture करीब 15 से 16 प्रतिशत थी। इसके बाद एक महीने से अधिक समय तक बारिश नहीं हुई और तीन से चार बार 2.5 मिमी से कम की हल्की बारिश हुई। इससे surface soil moisture घटकर करीब 5 से 6 प्रतिशत रह गई।
वहीं 10 से 40 सेंटीमीटर की subsurface layer में soil moisture करीब 23 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत रही। इस नमी ने फ़सल की water requirement पूरी करने में मदद की। ऐसी परिस्थितियों में CAZRI Moth Bean varieties ने अपनी growth बनाए रखी।
सही Crop Management से मिला फ़ायदा
CAZRI Moth Bean की इन क़िस्मों के बेहतर प्रदर्शन में crop management practices की भी अहम भूमिका रही। जुलाई में मानसून की शुरुआत के साथ समय पर sowing की गई। पौधों की optimum geometry 45 × 10 सेंटीमीटर रखी गई।
Moisture conservation के लिए sowing के करीब 20 दिन बाद mechanical interculture operations किए गए। इसके साथ mechanical weed management और ज़रूरत के अनुसार manual spot weeding की गई। अच्छी canopy development ने उपलब्ध soil moisture के बेहतर utilisation में मदद की।
इन experimental fields में soil fertility भी कम थी। यहां organic carbon 0.13 से 0.18 प्रतिशत, soil pH 7.9 से 8.1, available nitrogen 90 से 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, phosphorus 10 से 15 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर और potassium 250 से 260 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर था।
Flowering और Pod Formation के दौरान भी बनी रही फ़सल
इन CAZRI Moth Bean varieties का प्रदर्शन इसलिए भी ख़ास रहा क्योंकि लंबे moisture deficit की स्थिति flowering, pod formation और reproductive development के समय आई। इसके बावजूद करीब 55 दिन बाद भी पौधों में हरियाली, अच्छी growth और profuse pod development देखा गया।
इन क़िस्मों को CAZRI में एक दशक से अधिक समय तक किए गए systematic moth bean breeding और genetic improvement programme के जरिए विकसित किया गया है। इनका selection पश्चिमी राजस्थान के कठोर और unpredictable arid environment के अनुसार किया गया।
इन क़िस्मों की एक अहम विशेषता developmental plasticity है। ये करीब 30 दिन बाद flowering शुरू करती हैं और soil moisture की उपलब्धता के अनुसार अपनी growth और maturity को adjust करने की क्षमता रखती हैं। पश्चिमी राजस्थान जैसे क्षेत्र में, जहां बारिश की मात्रा, समय और distribution में काफी बदलाव होता है, यह flexibility महत्वपूर्ण मानी जाती है।
Seed Production भी बढ़ाया जा रहा है
चारों नई CAZRI Moth Bean varieties का seed production भी किया जा रहा है। CAZRI Research Farm में फिलहाल सात हेक्टेयर क्षेत्र में seed multiplication चल रहा है। इसका उद्देश्य 2026 के लिए Saathi Portal पर दर्ज 23.32 क्विंटल seed requirement को पूरा करना है।
2025 में इन चारों varieties के लिए Saathi Portal के जरिए 63.2 क्विंटल seed की मांग दर्ज की गई थी। एक क्विंटल breeder seed से करीब 1,000 से 1,400 क्विंटल certified seed तैयार किया जा सकता है। सही तरीके से multiplication और marketing होने पर इतना certified seed करीब 10,000 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती के लिए इस्तेमाल हो सकता है।
इन seeds का multiplication Rajasthan State Seeds Corporation, National Seeds Corporation और selected private players द्वारा किया जा रहा है।
किसानों के लिए बढ़ सकती हैं नई संभावनाएं
ICAR के Secretary DARE और Director General डॉ. M.L. Jat ने कहा कि मोठ थार रेगिस्तान की एक unique crop है और CAZRI की climate-resilient varieties थार को अधिक prosperous बनाने, किसानों के लिए नई income opportunities पैदा करने और pulses में self-reliance की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बारिश न होने के बावजूद growth और pod development बनाए रखना genetic improvement की क्षमता को दिखाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि varieties की genetic potential को बेहतर तरीके से हासिल करने के लिए optimum plant population, timely sowing, weed management और moisture-conservation जैसी best management practices जरूरी हैं।
इस तरह CAZRI Moth Bean की नई क़िस्मों का खरीफ 2026 में प्रदर्शन पश्चिमी राजस्थान जैसे rainfed और arid क्षेत्रों में climate-resilient agriculture के लिए एक महत्वपूर्ण field-level संकेत के रूप में सामने आया है। CAZRI Moth Bean varieties की moisture stress सहने की क्षमता और reproductive development जारी रखने की क्षमता मोठ की खेती को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अधिक मज़बूत बनाने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकती है।
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